बर्नार्डो स्ट्रोज़्ज़ी एक प्रवेश करें
एहसास, नहीं
एक गैलरी।
एक मिजाज चुनें और कमरा स्वयं उसका उत्तर देता है — रोशनी ठंडी या गर्म हो जाती है, हवा की गति बदल जाती है, और अंधेरे से केवल वही कलाकृतियाँ उभरकर सामने आती हैं जिनमें वह अहसास समाहित होता है। बाकी सब परछाइयों में ओझल हो जाता है।
बर्नार्डो स्ट्रोज़्ज़ी
प्रारंभिक जीवन और प्रशिक्षण बर्नार्डो स्ट्रोज़्ज़ी, जिन्हें 'इल कैपुचिन' और 'इल प्रेते जेनोवेज़' के नाम से भी जाना जाता है, इतालवी बारोक युग के एक अत्यंत प्रभावशाली चित्रकार और नक्काशीकार थे। उनका जन्म 1581 में इटली के जेनोआ में हुआ था। कला की उनकी प्रारंभिक शिक्षा सेज़ारे कोर्टे की कार्यशाला में हुई, जो जेनोआ के एक लघु चित्रकार थे। उनके मार्गदर्शन में स्ट्रोज़्ज़ी ने 1596 तक अपनी कलात्मक क्षमताओं को निखारा। इसके पश्चात, उन्होंने एक अभि
नव सिएनीज़ चित्रकार पिएत्रो सोरी की कार्यशाला में प्रवेश किया, जिनकी कलात्मक दृष्टि ने स्ट्रोज़्ज़ी को एक अधिक यथार्थवादी शैली की ओर अग्रसर किया। कलात्मक करियर स्ट्रोज़्ज़ी का शानदार करियर दो मुख्य कालखंडों में विभाजित किया जा सकता है: जेनोआ में उनके शुरुआती वर्ष और वेनिस में उनका उत्तरार्द्ध कार्य। जेनोआ में, उन्होंने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया, जिसमें डोरिया परिवार के सदस्यों द्वारा कमीशन किए गए सैन डोमेनिको चर्च के क्वायर…