डिएगो रिवेरा एक प्रवेश करें
एहसास, नहीं
एक गैलरी।
एक मिजाज चुनें और कमरा स्वयं उसका उत्तर देता है — रोशनी ठंडी या गर्म हो जाती है, हवा की गति बदल जाती है, और अंधेरे से केवल वही कलाकृतियाँ उभरकर सामने आती हैं जिनमें वह अहसास समाहित होता है। बाकी सब परछाइयों में ओझल हो जाता है।
डिएगो रिवेरा
प्रारंभिक जीवन और कलात्मक जागरण डिएगो रिवेरा, जिनका जन्म 8 दिसंबर, 1886 को मैक्सिको के गुआनाजुआतो में डिएगो मारिया दे ला कोंसेप्सिओन जुआन नेपोमुसेनो एस्टानिसलाओ दे ला रिवेरा य बारिएंटोस अकोस्टा य रोड्रिगेज के रूप में हुआ था, एक ऐसी दुनिया में आए जो पहले से ही कलात्मक संवेदनशीलता से सराबोर थी। महज तीन वर्ष की कोमल आयु से ही, उनके भीतर कला के प्रति एक निर्विवाद आकर्षण पनपने लगा था, जिसे उनके उन माता-पिता ने पोषित किया जिन्होंने उनकी उभरत
ी प्रतिभा को पहचाना और प्रोत्साहित किया। उनके प्रारंभिक वर्ष मैक्सिको सिटी के एकेडमी ऑफ सैन कार्लोस में औपचारिक शिक्षा से चिह्नित थे, जहाँ उन्होंने पारंपरिक पेंटिंग और मूर्तिकला में अपने कौशल को बड़ी लगन से निखारा। एक निर्णायक क्षण 1907 में आया जब तेओडोरो ए. देहेसा मेन्डेज़ ने उदारतापूर्वक रिवेरा की विदेश में पढ़ाई का प्रायोजन किया, जिसने उन्हें यूरोप के कलात्मक उथल-पुथल के केंद्र में पहुँचा दिया। उनकी प्रारंभिक यात्रा उन्हें स्पेन के…