सनत कुमार कर एक प्रवेश करें
एहसास, नहीं
एक गैलरी।
एक मिजाज चुनें और कमरा स्वयं उसका उत्तर देता है — रोशनी ठंडी या गर्म हो जाती है, हवा की गति बदल जाती है, और अंधेरे से केवल वही कलाकृतियाँ उभरकर सामने आती हैं जिनमें वह अहसास समाहित होता है। बाकी सब परछाइयों में ओझल हो जाता है।
सनत कुमार कर
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा सनत कुमार कर, जो एक प्रतिष्ठित भारतीय चित्रकार और प्रिंटमेकर थे, का जन्म 29 जुलाई, 1935 को भारत के शांतिनिकेतन में हुआ था। कला के प्रति उनके गहरे लगाव ने उन्हें कला की बारीकियों से परिचित कराया, और उन्होंने 1955 में कोलकाता के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स से पेंटिंग में अपना डिप्लोमा प्राप्त किया। करियर की मुख्य उपलब्धियां कर ने 1960 के दशक में अपनी प्रिंटमेकिंग क्षमताओं को विकसित करना शुरू किया, जि
समें उन्हें ललित कला अकादमी से प्राप्त अनुदानों ने महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की। वर्ष 1962 में प्रिंट्स आर्ट गैलरी में उनकी पहली एकल प्रदर्शनी आयोजित हुई, जहाँ उन्होंने अपनी तेल चित्रों (oil paintings) को प्रस्तुत किया। 1969 में दिल्ली के त्रिवेणी कला संगम में उन्होंने अपनी प्रदर्शनी लगाई, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से केवल अपने प्रिंट्स का प्रदर्शन किया। 1974 में, कर कला भवन, विश्व भारती के ग्राफिक आर्ट विभाग में रीडर के रूप में शामिल ह…